USA: चीन की औद्योगिक निर्माण क्षमता से घबराया अमेरिका, कहा- इससे दुनियाभर के कामगारों और उद्योगों के लिए खतरा

चीन की औद्योगिक निर्माण की क्षमता के चलते ही दुनिया में उसका प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन इसका पूरी दुनिया पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। ऐसा अमेरिका का कहना है। अमेरिकी सरकार ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा कि चीन की चुनौती से निपटने के लिए हमें रक्षात्मक कदम उठाने पड़ेंगे क्योंकि पारंपरिक तरीके से इस पर काबू पाना थोड़ा मुश्किल हो रहा है। 

'पूरी दुनिया के कामगारों और उद्योगों पर पड़ रहा नकारात्मक असर'

अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सचिव जे शामबाग ने कहा कि 'चीन द्वारा निर्माण में जो असंतुलन पैदा कर दिया गया है और उसकी गैर बाजारवादी नीतियों के चलते न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया का कामगारों और उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है। हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चीन की अर्थव्यवस्था और उसकी अत्यधिक औद्योगिक निर्माण की क्षमता पूरी दुनिया पर असर डाल रही है और यह सप्लाई चेन के लिए खतरनाक है। साथ ही इसकी वजह से कुछ विनिर्माण क्षेत्रों में बहुत ज्यादा उत्पादन होने से समस्या हो सकती है।' 

शामबाग ने बताया कि चीन की चुनौती से निपटने के लिए अमेरिका अपने सहयोगियों और विकासशील अर्थव्यवस्था वाले देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि चीन की नीतियों का उद्योगों और कामगारों पर बुरा असर न पड़े। उन्होंने कहा कि अत्यधिक उत्पादन और डंपिंग के खिलाफ कदम उठाना संरक्षणवादी या व्यापार विरोधी कदम नहीं है बल्कि यह फर्मों और कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ ही अन्य अर्थव्यवस्थाओं को बचाने की कोशिश है। अमेरिका ने चीन से अपील की कि उसे भी इस मामले में कदम उठाने चाहिए। 

दुनिया के कई देश चीन के औद्योगिक निर्माण की क्षमता से चिंतित

अमेरिका ने सलाह देते हुए कहा कि चीन अपने घरेलू उपभोग को बढ़ाकर इस समस्या को नियंत्रित कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे अपने नागरिकों की आय बढ़ानी होगी और इससे कचरे की समस्या भी कम होगी। शामबाग ने कहा कि 'यूरोपीय यूनियन और तुर्किए ने हाल ही में चीन से आयात होने वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैरिफ लगाया है। मेक्सिको, चिली और ब्राजील ने भी चीन के स्टील के खिलाफ कार्रवाई की है। भारत अपने सौर निर्माण क्षेत्र को चीन से बचाने के लिए कदम उठा रहा है और इसी तरह हर देश इस दिशा में काम कर रहा है ताकि चीन की अत्यधिक निर्माण की क्षमता से निपटा जाए।'

2024-07-11T02:30:17Z dg43tfdfdgfd