शैतान सिंह: वो परमवीर मेजर, जो मरने तक अपने पैर से मशीन-गन चलाते रहे

18 नवंबर 1962. सुबह होने को थी. बर्फीला धुंधलका पसरा था. सूरज 17,000 फीट की ऊंचाई तक अभी नहीं चढ़ सका था. लद्दाख में ठंडी और कलेजा जमा देने वाली हवाएं चल रही थीं. यहां स...

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